Breaking News
Home / News / बुनियादी समाधान चाहिए Editorial page 16th April 2018

बुनियादी समाधान चाहिए Editorial page 16th April 2018

By: D.K Chaudhary

 उन्नाव और कठुआ में बलात्कार की घटनाओं ने देश को झकझोर दिया है। विपक्ष और जनता के दबाव के बाद केंद्र सरकार ने इस पर चुप्पी तोड़ी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन घटनाओं को शर्मनाक बताते हुए देश को आश्वस्त किया कि पीड़िताओं को इंसाफ जरूर मिलेगा। मुश्किल यह है कि हमारा राजनीतिक नेतृत्व आज भी बलात्कार जैसी समस्या को लेकर एक अतिरेक का शिकार है। वह बुनियादी समाधान ढूंढने की जगह इसका पॉप्युलिस्ट हल ढूंढने की बात करता है। 
 

अब जैसे जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ही नहीं, केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने भी कहा है कि बच्चियों से रेप करने वालों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। इस तरह की बात कई और नेता भी कहते रहे हैं। इससे जनाक्रोश को शांत करने में थोड़ी मदद तो मिलती है, पर यह कोई समाधान नहीं है। निर्भया कांड के बाद तो सरकार ने बलात्कार के अपराध से संबंधित कानूनी प्रावधानों को बेहद कठोर कर दिया, लेकिन इसके बावजूद रेप और महिलाओं के प्रति दूसरे अपराधों में कोई कमी नहीं आई है। अनेक विशेषज्ञों ने स्पष्ट कहा है कि अगर रेपिस्ट के लिए फांसी का कानून बना तो सबूत मिटाने के लिए बलात्कार की शिकार महिला की हत्या जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ेंगी। 

मूल समस्या है कानून का पालन न होना, मामले की सुनवाई न हो पाना। बड़े शहरों में तो रेप की शिकायत दर्ज भी हो जाती है, मगर कस्बों और गांवों में तो यह भी नहीं होता। आमतौर पर पुलिस तब तक एफआईआर दर्ज नहीं करती, जब तक कि बड़ी संख्या में भीड़ थाने न पहुंच जाए। अक्सर अब कोर्ट के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज होती है। परंतु इससे भी बड़ी विडंबना यह है कि अदालतों में भी उन्हीं मामलों को प्राथमिकता और गति मिलती है, जो मीडिया की सुर्खियां बनते हैं। दो साल पहले के आंकड़े के अनुसार, रेप के चार में सिर्फ एक मामले में ही सजा हो पाई। इसी कारण अपराधियों का हौसला बढ़ रहा है। इसलिए फांसी या कानून को सख्त बनाने का जुमला छोड़कर मौजूदा कानूनों के ही सख्ती से पालन पर जोर दिया जाए। सरकार यह सुनिश्चित करे कि रेप की हर शिकायत दर्ज हो, मामला शीघ्र अंजाम तक पहुंचे और अपराधी को सजा हो। 

About D.K Chaudhary

Polityadda the Vision does not only “train” candidates for the Civil Services, it makes them effective members of a Knowledge Community. Polityadda the Vision enrolls candidates possessing the necessary potential to compete at the Civil Services Examination. It organizes them in the form of a fraternity striving to achieve success in the Civil Services Exam. Content Publish By D.K. Chaudhary

Check Also

गुफा से वापसी Editorial page 13th July 2018

By: D.K Chaudhary  थाइलैंड में एक गुफा में 18 दिनों से फंसे 12 बच्चों और उनके कोच …