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तेजी पर न जाएं Editorial page 16th July 2018

By: D.K Chaudhary
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को आई जबर्दस्त तेजी ने लोगों को चौंकाया। सेंसेक्स 400 अंक उछलकर 36,600 अंक के पार पहुंच गया, फिर थोड़ा नीचे आकर भी रेकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। निफ्टी ने भी तेजी देखी और 11000 के आंकड़े को पार किया। ज्यादा तेजी तेल और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में देखी गई। यह उछाल कुछ तात्कालिक राहत की खबरों से आई है। आगे भी यह कायम रहेगी, कहना मुश्किल है। दरअसल कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। बुधवार को ब्रेंट क्रूड में एक दिन में पिछले दो सालों की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। यह 5.46 डॉलर यानी 6.9 फीसदी गिरकर 73.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा, जबकि यूएस क्रूड ऑयल 5 फीसदी गिरकर 70.38 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। 
ईरान के रुख में आए बदलाव ने भी शेयर बाजार पर सकारात्मक असर डाला। ईरानी दूतावास की ओर से कहा गया कि भारत को तेल की सप्लाई सही ढंग से जारी रखने के लिए ईरान हरसंभव कदम उठाएगा। जबकि एक दिन पहले ईरान के उप राजदूत मसूद रिजवानियन रहागी ने कहा था कि अमेरिकी प्रतिबंध के बाद यदि भारत ने ईरान से तेल आयात में कटौती की तो ईरान भारत को मिलनेवाली खास सहूलियतें बंद कर देगा। उस बयान के बाद बुधवार को तेल कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई थी, लेकिन गुरुवार के स्पष्टीकरण के बाद उनके शेयर उछल गए। एक पॉजिटिव खबर यह भी आई कि ट्रेड वॉर खत्म करने के लिए अमेरिका और चीन बात कर सकते हैं। हालांकि, भारत पर ट्रेड वार का ज्यादा असर पड़ने की आशंका निवेशकों में पहले ही खत्म हो चुकी है। 

वैश्विक कारोबार में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 2 फीसदी है, लिहाजा ट्रेड वॉर का असर यहां चीन जितना विध्वंसक नहीं होनेवाला। जो विदेशी निवेशक फिलहाल चीनी बाजार से निकल रहे हैं, उनमें से कुछ भारत में हाथ आजमा रहे हैं। चीन के उद्योगों में ठहराव ट्रेड वॉर शुरू होने के पहले से देखा जा रहा है। अच्छे सेंटिमेंट की एक वजह 2018-19 की पहली तिमाही के नतीजे भी है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने रेकॉर्ड प्रॉफिट दर्ज किया है। इससे निवेशकों को बाकी नतीजे भी बेहतर आने की उम्मीद है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक और मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। डॉलर के मुकाबले रुपए के 69 का स्तर छूने के बाद रुपया फिर से संभलने लगा है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 19 पैसे चढ़कर 68.58 के स्तर पर पहुंच गया है। जाहिर है, यह तेजी कल बड़े खिलाड़ियों के ही बूते पर आई है, जिनके लिए बाजार में कभी भी घुसना और निकल लेना आसान रहता है। सच्चाई यह है कि बाजार अभी अनिश्चितता से भरा हुआ है और शेयर बाजार का रेकॉर्ड बनाना छोटे निवेशकों के लिए कोई मायने नहीं रखता। 

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